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70 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों को दी गई दूसरी खुराक, निजी अस्पतालों में मुफ्त नहीं होगा टीका: स्वास्थ्य मंत्रालय

70 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों को दी गई दूसरी खुराक, निजी अस्पतालों में मुफ्त नहीं होगा टीका: स्वास्थ्य मंत्रालय

  देश में कोरोना टीकाकरण का अभियान लगातार जारी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण के अनुसार शनिवार शाम छह बजे तक 77 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना की पहली खुराक दे दी गई है, वहीं 70 फीसदी स्वास्थ्यकर्मियों को कोरोना की दूसरी खुराक दी गई है। भूषण ने कोरोना वैक्सीन की कीमत को लेकर भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन मुफ्त में मिलेगी, वहीं निजी अस्पतालों में लोगों को इसके लिए भुगतान करना होगा। हालांकि उन्होंने अभी निर्धारित कीमत का खुलासा नहीं किया। गुजरात सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन अभियान में और ज्यादा तेजी लाने के लिए शनिवार को इसकी कीमत तय कर दी है। इसके तहत राज्य के लोगों को निजी अस्पताल में 250 रुपये चुकाने होंगे, वहीं सरकारी अस्पताल में यह मुफ्त में मिलेगी। राज्य के उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने इसकी जानकारी दी है। देशभर में एक मार्च से कोरोना टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू होने जा रहा है। इसके तहत 10 हजार सरकारी केंद्रों और 20 हजार निजी अस्पतालों में लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जाने की योजना है। खास बात यह है कि यह वैक्सीन 40 साल से ऊपर बीमार लोगों और 60 साल से ऊपर के सभी लोगों का लगाई जाएगी। जानकारी के मुताबिक इन दोनों उम्र सीमा के अंदर आने वाले लोग सरकारी केंद्रों में जाकर टीका मुफ्त में लगवा सकते हैं। हालांकि, निजी अस्पतालों में इसके लिए रुपये लिए जाएंगे। एक मार्च से शुरू होने जा रहे दूसरे चरण के टीकाकरण अभियान को लेकर स्वास्थ्य मंत्रालय कि तरफ से कहा गया कि सरकारी केंद्रों पर यह टीकाकरण मुफ्त होगा, लेकिन जो लोग निजी अस्पतालों में वैक्सीन लगवाना चाहते हैं, उन्हें चार्ज देना होगा। अगले तीन-चार दिनों में स्वास्थ्य मंत्रालय इस बात पर फैसला ले लेगा कि निजी अस्पतालों में वैक्सीनेशन के लिए कितनी फीस देनी होगी। स्वास्थ्य मंत्रालय इस संबंध में मैन्यूफैक्चरर्स और अस्पतालों से बात कर रहा है।