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23 साल में फोटोग्राफर ने खींची सिर्फ 15 PHOTOS, इतनी खूबसूरत होती हैं कबीले की लड़कियां

23 साल में फोटोग्राफर ने खींची सिर्फ 15 PHOTOS, इतनी खूबसूरत होती हैं कबीले की लड़कियां

 

दुनिया में कुछ ऐसे कबीले या इलाके हैं, जो आज भी आम लोगों की नजरों से दूर हैं। इन्हें मॉडर्न ज़माने और तकनीक के बारे में कुछ भी नहीं पता होता। ऐसा ही एक कबीला अमेजन के घने जंगलों में रहता है। ये कबीला दुनिया की नजरों से दूर आज भी आदिमानव की तरह रहता है। इस कबीले के बारे में कहा जाता है कि कई सदियों तक ये इंसानों से दूर रहता था। अगर कोई बाहर का शख्स इनके नजदीक जाने की कोशिश करता था, तो ये उसकी जान ले लेते थे। लेकिन आज इस कबीले के लोग अपनी जान और पहचान दोनों बचाने की जद्दोजहत में जुटे हैं। ब्राजील के फोटोग्राफर रिकार्डो स्टुकेरत (Ricardo Stuckert) ने इस कबीले के नजदीक जाकर उनकी फोटोज खींची। उन्होंने दुनिया को इस कबीले की लाइफस्टाइल दिखाने की कोशिश की है। इन खूबसूरत तस्वीरों की काफी चर्चा हो रही है। आज से पहले इस कबीले की ऐसी फोटोज लोगों के सामने नहीं आई थी... 

 

<p>तस्वीर में जनजाति का नेता धनुष और तीर के साथ मछली का शिकार करते हैं। जनजाति के नेता अपने लोगों को बाहरी खतरे से बचाने की पूरी कोशिश करते हैं। </p>

 

तस्वीर में जनजाति का नेता धनुष और तीर के साथ मछली का शिकार करते हैं। जनजाति के नेता अपने लोगों को बाहरी खतरे से बचाने की पूरी कोशिश करते हैं। 

<p>यह खूबसूरत तस्वीर चपड़ा इम्पीरियल इकोलॉजिकल सैंक्चुअरी में फोटोग्राफर ने खींची। कबीले की लड़की की तस्वीर खींचने का साहस बहुत बड़ी बात है। </p>

 

यह खूबसूरत तस्वीर चपड़ा इम्पीरियल इकोलॉजिकल सैंक्चुअरी में फोटोग्राफर ने खींची। कबीले की लड़की की तस्वीर खींचने का साहस बहुत बड़ी बात है। 

<p>अमेजन के घने  जंगलों में छिपकर रहने वाले इस कबीले की लड़कियां बेहद खूबसूरत होती हैं। लेकिन कबीले के लोग इनके पास किसी बाहरी शख्स को नहीं जाने देते। ऐसे में इन तस्वीरों को खींच लाने का साहस ही बड़ी बात है। </p>

 

अमेजन के घने  जंगलों में छिपकर रहने वाले इस कबीले की लड़कियां बेहद खूबसूरत होती हैं। लेकिन कबीले के लोग इनके पास किसी बाहरी शख्स को नहीं जाने देते। ऐसे में इन तस्वीरों को खींच लाने का साहस ही बड़ी बात है। 

 

<p>50 साल के फोटोग्राफर रिकार्डो ने ब्राजील के कई इलाकों में, जिनमें स्टेटस ऑफ Acre, Amazonas, Bahia और Alagoas शामिल हैं, में जाकर जनजातियों की तस्वीर खींची। <br />
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50 साल के फोटोग्राफर रिकार्डो ने ब्राजील के कई इलाकों में, जिनमें स्टेटस ऑफ Acre, Amazonas, Bahia और Alagoas शामिल हैं, में जाकर जनजातियों की तस्वीर खींची। 
 

<p>ब्राज़ीलियाई इंडियन अपनी पारंपरिक पोशाक में। इसे कलापलो जातीय समूह बुलाया जाता है। ये लोग स्थायी प्रबंधन परियोजनाएं खुद विकसित करते हैं। साथ ही जब बाहरी लोग इनके जंगल को काटने आते हैं, तब ये बाहरी लोगों से लड़ते हैं। </p>

 

ब्राज़ीलियाई इंडियन अपनी पारंपरिक पोशाक में। इसे कलापलो जातीय समूह बुलाया जाता है। ये लोग स्थायी प्रबंधन परियोजनाएं खुद विकसित करते हैं। साथ ही जब बाहरी लोग इनके जंगल को काटने आते हैं, तब ये बाहरी लोगों से लड़ते हैं। 

<p>इन तस्वीरों को खींचने में फोटोग्राफर को काफी मुश्किलें आई। ना सिर्फ जान का खतरा बल्कि सही मोमेंट का भी इन्तजार करना पड़ा। इसके लिए कई महीनों तक उसे इन्तजार करना पड़ा। </p>

 

इन तस्वीरों को खींचने में फोटोग्राफर को काफी मुश्किलें आई। ना सिर्फ जान का खतरा बल्कि सही मोमेंट का भी इन्तजार करना पड़ा। इसके लिए कई महीनों तक उसे इन्तजार करना पड़ा। 

<p>फोटोग्राफर रिकार्डो ने इन तस्वीरों को ब्राजीलियन इंडियंस प्रोजेक्ट के तहत खींचा। साल 2020 में अमेजन के जंगलों में लगी आग के बाद इस जनजाति को अपनी जिंदगी बचाने के लिए सामने आना पड़ा। </p>

 

फोटोग्राफर रिकार्डो ने इन तस्वीरों को ब्राजीलियन इंडियंस प्रोजेक्ट के तहत खींचा। साल 2020 में अमेजन के जंगलों में लगी आग के बाद इस जनजाति को अपनी जिंदगी बचाने के लिए सामने आना पड़ा। 

<p>तस्वीर में एकर स्टेट के अपिवत्सा गांव में रहने वाले जनजाति की लड़की। फोटोग्राफर को यकीन है कि इन तस्वीरों से लोगों का ध्यान इनकी समस्याओं की तरफ जाएगा। </p>

 

तस्वीर में एकर स्टेट के अपिवत्सा गांव में रहने वाले जनजाति की लड़की। फोटोग्राफर को यकीन है कि इन तस्वीरों से लोगों का ध्यान इनकी समस्याओं की तरफ जाएगा। 

<p>रिकार्डो की सबसे पहले इस जनजाति से मुलाक़ात 1997 में हुई थी। इसके बाद से ही उनके दिमाग में इस प्रोजेक्ट का ख्याल था। रिकार्डो ने इस प्रोजेक्ट के लिए Canon EOS-1D X Mark ll कैमरा का इस्तेमाल किया है। साथ ही ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया है।  </p>

 

रिकार्डो की सबसे पहले इस जनजाति से मुलाक़ात 1997 में हुई थी। इसके बाद से ही उनके दिमाग में इस प्रोजेक्ट का ख्याल था। रिकार्डो ने इस प्रोजेक्ट के लिए Canon EOS-1D X Mark ll कैमरा का इस्तेमाल किया है। साथ ही ड्रोन का भी इस्तेमाल किया गया है।  

 

<p>रिकार्डो ने इन तस्वीरों के लिए काफी इंतजार किया। परफेक्ट मोमेंट्स के लिए रिकार्डो ने जनजाति के सभी लोगों पर नजर रखी थी। <br />
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रिकार्डो ने इन तस्वीरों के लिए काफी इंतजार किया। परफेक्ट मोमेंट्स के लिए रिकार्डो ने जनजाति के सभी लोगों पर नजर रखी थी। 
 

<p>अपने दो बच्चों को कंधे पर बिठाए  पिता की अद्भुत तस्वीर। जनजाति में लोग एक-दूसरे की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। फोटोग्राफर 1997 से ही इनकी तस्वीरें कैद कर रहे थे। </p>

 

अपने दो बच्चों को कंधे पर बिठाए  पिता की अद्भुत तस्वीर। जनजाति में लोग एक-दूसरे की सुरक्षा के लिए तत्पर रहते हैं। फोटोग्राफर 1997 से ही इनकी तस्वीरें कैद कर रहे थे। 

<p>रिकार्डो ने कहा कि इन तस्वीरों से इस जनजाति के कल्चर को सहेजा जा सकता है। तस्वीर में रात के समय आसमान के नीचे खड़े जनजाति के लोगों की तस्वीर। </p>

 

रिकार्डो ने कहा कि इन तस्वीरों से इस जनजाति के कल्चर को सहेजा जा सकता है। तस्वीर में रात के समय आसमान के नीचे खड़े जनजाति के लोगों की तस्वीर। 

 

<p>एक ब्राजीलियन इंडियन पारंपरिक पोशाक पहन कर कैमरे को पोज देते हुए। रिकार्डो ने कोशिश की है कि इस प्रोजेक्ट के तहत वो इनके कल्चर की हर झलक लोगों को दिखा पाए। </p>

 

एक ब्राजीलियन इंडियन पारंपरिक पोशाक पहन कर कैमरे को पोज देते हुए। रिकार्डो ने कोशिश की है कि इस प्रोजेक्ट के तहत वो इनके कल्चर की हर झलक लोगों को दिखा पाए। 

<p>ब्राजील के अमेजन में रहने वाले कालपालो जनजाति का एक युवा अपने कबीले के पारम्परिक निशानों के साथ तस्वीर खिंचवाता हुआ। </p>

 

ब्राजील के अमेजन में रहने वाले कालपालो जनजाति का एक युवा अपने कबीले के पारम्परिक निशानों के साथ तस्वीर खिंचवाता हुआ। 

<p> इन जनजाति के लोग कभी बहरी लोगों के संपर्क में नहीं आते थे। लेकिन अब ये लोग बाहरी दुनिया से घुलने-मिलने लगे हैं। तस्वीर खिंचवाने के बाद फोटोग्राफर को घेरे बच्चे। अब रिकार्डो इन पर डॉक्यूमेंटरी बनाने की तैयारी में हैं। </p>

 

 इन जनजाति के लोग कभी बहरी लोगों के संपर्क में नहीं आते थे। लेकिन अब ये लोग बाहरी दुनिया से घुलने-मिलने लगे हैं। तस्वीर खिंचवाने के बाद फोटोग्राफर को घेरे बच्चे। अब रिकार्डो इन पर डॉक्यूमेंटरी बनाने की तैयारी में हैं। 

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