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ज्ञापन तो बहाना है, मकसद तो कमाना है दुःखरियों पेट बतारिआ माथो

ज्ञापन तो बहाना है, मकसद तो कमाना है दुःखरियों पेट बतारिआ माथो


भीलवाड़ा नगर परिषद में आज कल टेंडर- टेंडर  का खेल चल रहा है।  पिछली भाजपा सरकार में भाजपा से जुड़े ठेकेदारों को मौका मिला तो अब कांग्रेसी पिल पड़े है । "मार्च एंडिंग" में बजट की भी " वाट " लगानी है वो स्थानीय निकाय चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले ।सो टेंडर पे टेंडर हो रहे ,लेकिन "लफड़ा " यह कि अब "भाजपा वाले " ठेकेदारों को परिषद प्रशासन नहीं "गांठ" रहा। क्या करे जिसकी "लाठी" उसकी "भैंस' मतलब सरकार  "हाथ " की तो "काम ' भी हाथ वालों को 
। क्योंकि  'कमल राज " में   कौनसा "हाथ वालों ' को" कमा" खाने दिया।   मसला आज दिए "ज्ञापन'  से जुड़ा है। "एक साल' के हुए भाजपा जिलाध्यक्ष ने अपने भाजपा के "ठेकेदारों " की सुनी तो लगे हाथ ज्ञापन "ठोक' दिया कि परिषद में भ्रष्टाचार का बोल बाला है। उन्होंने एसीबी से टेण्डरों की जांच करने की मांग भी कर डाली। परिषद चुनाव में जिलाध्यक्ष को अपनी " तूती " बजानी हैं सौ "कमल वाले ठेकेदारों "को काम तो दिलाना हैं । इसलिए आज अपने" गिने चुने" साथियों के साथ जिलाध्यक्ष पहुंच गए जिला हाकिम के दरबार में और भर दी  " हुकार "।
 हुआ यूं परिषद में आसीन आयुक्त जो काफी 'उठापटक ' के बाद आसानी हुई तो राज वालों  की हां में हां तो मिलानी पड़ेगी सौ  आयुक्त को अपना " दुर्गा " रुप दिखाना पड़ा। पिछले आयुक्त की आँनलाइन प्रक्रिया को दरकिनार कर आँफलाइन टेण्डर शुरू कर " हाथ वालों का हाथ" मजबूत करने के लिए ऐसी " डांग" भरी की सब जगह "डांगी  फैक्ट्री " चल पड़ी।
आजाद चौक में पहले टाइल्स का टेण्डर हुआ। हाल ही में यही टीनशेड व अन्य कार्यों का तोहफा राज वाले को सौंप दिया। परिषद प्रशासन ने " बंदरबांट में पूर्व पार्षद के हलके का भी ध्यान रखा। नहीं तो "हरणी  " के  समाज सेवी के प्रकोप का प्रशासन को झेलना पड़ता।  यहां पूर्व प्रतिपक्ष के नेता का भी ध्यान रखा गया। उनके लिए भी कार्यों की बौछार करनी पड़ी। वरना " शिव" के "तांडव" को भुगतना पड़ता।वहीं " सेवा" के स्तम्भ बने सेवा - दल की भी सेवा की गई। नहीं तो सेवा के यह प्रतीक परिषद की " वाल" ढहा देता।
इस बंदरबांट में "कमल वाले ठेकेदार" मूरझा रहे थे तो उन्होंने जिलाध्यक्ष के हाथों में बंदूक थमा दी और जिलाध्यक्ष ने भी मौके की नजाकत देख "बंदूक दाग" दी। अब लोहा भी गर्म है और हथौड़ा भी तैयार तो देखना यह होगा कि ईलाज" पेट' का किया जाता है या "माथे ' का ।
 Sushilchouhan953@ gmail.com

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