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विधिक साक्षरता शिविर आयोजित

विधिक साक्षरता शिविर आयोजित
 राजसमन्द ( राव दिलीप सिंह)राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार विश्व महिला दिवस के अवसर पर 03. से 10  मार्च 2021 तक महिला अधिकारिता सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है जिस क्रम में  नरेन्द्र कुमार सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमंद द्वारा आज  राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय, कुंवारियां , राजसमन्द में विधिक साक्षरता शिविर आयोजित किया गया।
 नरेन्द्र कुमार, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, राजसमन्द ने बालिकाओं को संबोधित करते हुये बताया कि महिलाओं किसी भी क्षेत्र में पुरूषों से कम नहीं है। देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी, अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला इत्यादि महिलाओं ने अपने प्रतिभा के दम पर देश एवं समाज को गौरवान्वित किया हैं।  कुमार ने बताया कि हमारी संस्कृति में नारियों को सर्वोच्च स्थान देते हुये कहा कि’’ यत्र नारी पुज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता’’ अर्थात जहां स्त्रीयों की पूजा होती है वहां देवाताओं निवास करते है पंरतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि वर्तमान में बलात्कार, घरेलु हिंसा इत्यादि कुकत्र्य किये जा रहे हैं। कुमार ने बताया कि बालकों को चार अधिकार  जीवन जीने का अधिकार, जानने का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, शोषण के विरूद्ध अधिकार दिये गये है। यह दुर्भाग्यपूण है कि पुत्र की लालसा में भु्रण परिक्षण करवाकर पुत्री भु्रण पाये जाने पर गर्भ गिरवा देते है अतः जीवन जीने के अधिकार के तहत भु्रण परिक्षण करना एवं करवाना दोनो के कानूनी अपराध है उक्त अपराध करने पर चिकित्सक एवं मातापिता दोनों ही कठोर दण्ड के भागी होते है एवं शोषण के विरूद्ध अधिकार के तहत बालश्रम, बालमजूदरी करवाना भी अपराध की श्रेणी में आता है। सरकार द्वारा बालकों के यौन शोषण को रोकने हेतु बालकों के यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम 2012 लागु किया गया जिसके तहत नाबालिक बालक- बालिका के साथ किसी भी प्रकार का यौन उत्पीड़न होने पर आजीवन करावास तक की सजा का प्रावधान है।  सरकार द्वारा समय -समय पर महिलाओं के अधिकारो के संरक्षण हेतु एवं अत्याचार को रोकने हेतु कानुन बनाये  गये हेै यथस बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006  जिसके तहत  बाल विवाह रोकने संबंधी कानूनी प्रावधानों की जानकारी प्रदान की। बाल विवाह की बुराईयों से अवगत कराया। उन्होंनें बताया कि भारत में और विशेष कर राजस्थान में बच्चों की छोटी उम्र में शादी की कुरीती को रोकने के लिए बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 बना कर लागू किया गया है जिसमें लड़के की आयु 21 वर्ष से कम और लड़की की आयु 18 वर्ष से कम है, तो उन्हें बालक माना गया है। यदि विवाह के समय लड़का या लड़की दोनों में से कोई वयस्क नहीं है, तो ऐसा विवाह बाल विवाह होने से अपराध माना गया है। किसी अवयस्क बालिका से विवाह करने वाले व्यक्ति को, बाल विवाह करवाने वाले या उत्प्रेरित करने वाले व्यक्ति को, बाल विवाह को प्रोत्साहन या अनुमति देने वाले को, बाल विवाह में शामिल होने वाले-पंडित, नाई, बाराती, अतिथी, बैण्डवाले, खाने बनाने वाले, टेण्ट वाले, स्थान उपलब्ध कराने वाले आदि अपराधी है। बाल विवाह एक सामाजिक अपराध है। उपस्थित व्यक्तियों से अपील की कि वे इस कुरीति का विरोध करें, क्योंकि बाल विवाह सम्पूर्ण समाज एवं राष्ट्र के लिए एक अभिशाप है। बाल विवाह निरस्त करवाने के लिये कोई भी व्यक्ति पारिवारिक न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर सकता है एवं यह प्रार्थना पत्र बालक/बालिका के वयस्कता प्राप्त करने से 2 वर्ष की अवधि तक किसी भी समय पेश किया जा सकता है। साथ ही बाल विवाह करने वाले पुरूष सदस्य/संरक्षक से बालिका को पुनर्विवाह करने तक भरणपोषण भत्ता दिलाये जाने के प्रावधान है। साथ ही किशोर न्याय बोर्ड अधिनियम 2015 व बाल कल्याण समिति की कार्यप्रणाली एवं बालकों के साथ व्यवहार करने के सिद्धान्तों पर विस्तृत व्याख्यान दिया गया। साथ ही बताया कि  भरण पोषण अधिनियम 2007 में  125 सीआरपीसी के तहत महिलाओं के जीवनयापन हेतु अपने पति से भरण पोषण भत्ता प्राप्त करने का अधिकार है। श्री कुमार ने बताया कि महिलाओं को सरकारी नौकरी में पर्याप्त प्रतिनिधित्व हेतु आरक्षण की भी व्यवस्था हैं। महिलाओं में शिक्षा से जुड़कर जीवन में अग्रसर होना चाहिए साथ ही महिलाओं के अधिकारों के प्रति अन्य महिलाओं को भी जागरूक करना चाहिए।
तत्पश्चात्  कुमार द्वारा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुंवारियां में स्थापित लिगल लिट्ंेसी क्लब का निरीक्षण संधारित रजिस्ट्र यथा स्टाॅक रजिस्टर, गतिविधियां रजिस्टर इत्यादि का अवलोकन कर उक्त सप्ताह के तहत जागरूकता हेतु निबंध, पोस्टर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित करने के निर्देश दिये।  
उक्त कार्यक्रम में   सुशील कुमार, प्रधानाचार्य, बालिका राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय, श्रीमती हेमलता, , प्राधिकरण के   यशोदानंन्दन गौतम एवं   नरेश जीनगर, एवं  दिलीप सिंह राठौड़  लिगल लिट्ेसी क्लब प्रभारी  इत्यादि उपस्थित रहे