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मातृकुण्डिया में कांग्रेस का किसान सम्मेलन, विधानसभा उपचुनाव के साथ साधेगा कई सियासी समीकरण

मातृकुण्डिया में कांग्रेस का किसान सम्मेलन, विधानसभा उपचुनाव के साथ साधेगा कई सियासी समीकरण

भीलवाड़ा/चित्तौड़गढ़ ।किसान आंदोलन के समर्थन में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के मातृकुंडिया में कांग्रेस की ओर से बड़े किसान सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। जो मेवाड़ के तीन जिलों चित्तौड़गढ़, राजसमंद और भीलवाड़ा की सीमाओं पर है। 27 फरवरी को यहां एक बड़ी सभा आयोजित होगी, जिसे लेकर अभी से तैयारियां शुरू कर दी गई है। किसान सम्मेलन को प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अलावा प्रदेश प्रभारी अजय माकन, पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा और मंत्री संबोधित करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी भी इस सम्मेलन में मौजूद रहेंगे। इस किसान सम्मेलन में करीब 50 हजार लोगों की भीड़ का लक्ष्य दिए जाने की जानकारी सामने आई है। चित्तौड़गढ़ जिले में भी उपखंड मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक प्रदर्शन हो चुके हैं। वहीं अब चित्तौड़गढ़ जिले में कांग्रेस इसे वृहद स्वरूप देने का प्रयास कर रही है। इसके तहत चित्तौड़गढ़ जिले के कपासन विधानसभा क्षेत्र में आने वाले मेवाड़ के हरिद्वार के नाम से प्रसिद्ध मातृकुंडिया में 27 फरवरी को किसान सम्मेलन का आयोजन होगा। इसमें करीब 50 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का लक्ष्य रखा गया है। किसान सम्मेलन के आयोजन का जिम्मा चित्तौड़गढ़ जिले से निंबाहेड़ा विधायक और प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना को दिया गया है।  

किसान सम्मेलन में अच्छी भीड़ जुटाने के लिए तैयारियां तेज़ कर दी गई हैं। वहीं मातृकुंडिया में सभा कहां आयोजित की जाएगी, इसको लेकर स्थान का चयन किया जा रहा है। मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा। मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार गहलोत चित्तौड़गढ़ जिले में आ रहे हैं। ऐसे में अच्छा आयोजन करने की तैयारी है। किसान आन्दोलन के समर्थन में मेवाड़ के हरिद्वार कहे जाने वाले मातृकुण्डिया में 27 फरवरी को आयोजित होने वाले विशाल किसान सम्मेलन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रदेश के सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना और एआईसीसी सदस्य, पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह जाड़ावत ने शनिवार दोपहर मातृकुंडिया का दौरा कर किसान सम्मेलन की रूपरेखा तैयार की। इस सम्मेलन में 4 जिलों के किसान व कांग्रेस नेता भाग लेंगे।

मातृकुंडिया में 27 फरवरी को कांग्रेस के किसान सम्मेलन का एलान और तैयारी एक साथ तीन बड़े संदेश देंगे। इसके जरिये पार्टी खासकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का लक्ष्य मेवाड़ की तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव और कृषि कानूनों के साथ पार्टी के भीतर शुरू हुई शक्तिप्रदर्शन की सियासत भी माना जा रहा है। चित्तौड़गढ़ जिले के राशमी तहसील में स्थित मातृकुंडिया की धार्मिक के साथ सियासी अहमियत भी रही है। इसका कारण स्पष्ट है कि यह मेवाड़ के तीन जिलों चित्तौड़गढ़, राजसमंद और भीलवाड़ा की सीमाओं पर है। यह चारों तरफ से जाट खासकर किसान बहुल इलाका है। आने वाले समय में मेवाड़ की जिन तीन विधानसभा सीटों के उपचुनाव होने हैं, उनमें से दो गंगापुर-सहाड़ा और राजसमंद की सीमाएं तो यहां से सीधे सटी हुई हैं। तीसरी सीट उदयपुर जिले की वल्लभनगर सीमावर्ती नहीं है, लेकिन वह भी बहुत अधिक दूर नहीं है। ऐसे में एक संदेश तो साफ है कि कांग्रेस मेवाड़ में विधानसभा उपचुनाव अभियान शुरू कर रही है, जिसके लिए इससे उपयुक्त स्थान कोई दूसरा नहीं होता। किसान सम्मेलन के नाम से दूसरा और घोषित संदेश कृषि कानूनों पर केंद्र की मोदी सरकार को घेरना है। इसे लेकर ही हाल में राहुल गांधी की राजस्थान में दो दिवसीय यात्रा और सभाओं के बाद राजनीति और गर्मा गई। तीसरा छुपा हुआ संदेश अचानक सक्रिय और आक्रामक हुए पूर्व पीसीसी चीफ सचिन पायलट की किसान महापंचायतों का जवाब भी माना जा रहा है।

मातृकुंडिया में 27 को किसान सम्मेलन करने का सार्वजनिक ऐलान शुक्रवार को उसी दिन हुआ। जब पायलट जयपुर जिले में किसान महापंचायत के साथ शक्ति प्रदर्शन कर रहे थे। किसान सम्मेलन की तारीख तय होने के बाद चित्तौड़गढ़ से आने वाले मंत्री उदयलाल आंजना और पूर्व विधायक सुरेंद्रसिंह जाड़ावत, राजसमंद से देवकीनंदन गुर्जर सहित अन्य नेता मातृकुंडिया पहुंचे। जहां पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के साथ सभा स्थल चिन्हित करने के साथ ही अन्य तैयारी भी शुरू कर दीं।

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