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कोरोना ने बदला जीने का तरीका, 2021 में प्लास्टिक KISS से पास आ रहे लोग

 कोरोना ने बदला जीने का तरीका, 2021 में प्लास्टिक KISS से पास आ रहे लोग

2020 की शुरुआत में किसी ने सोचा भी नहीं था कि लोगों को ऐसे समय का सामना करना पड़ेगा जब जान बचाने के लिए लोगों को घरों में बंद होना पड़ेगा। लॉकडाउन लगा और महामारी ने लाखों जिंदगियों को निगल लिया। कोरोना ने लोगों की जिंदगी पर काफी प्रभाव छोड़ा है। अभी तक इसका कोई सटीक इलाज सामने नहीं आया है, जिस वजह से लोग अपनों से भी दुरी बनाकर चल रहे हैं। हालांकि, नए साल के साथ लोगों की उम्मीदें बढ़ी है। कई देश वैक्सीनेशन शुरू कर चुके हैं। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि इस साल कोरोना खत्म हो जाएगा। हालांकि, अब लोगों ने इस वायरस के साथ जीना शुरू कर दिया है। तभी तो इटली में प्लास्टिक हग और प्लास्टिक किस का चलन बढ़ गया है। आइये दिखाते हैं कैसे इस नए ट्रेंड ने कोरोना में अपनों को पास लाने में मदद की...  

 

<p>इटली में कई जगहों पर रूम्स ऑफ हग की शुरुआत की गई है। यहां कोरोना में लोग अपनों को बेझिझक गले लगा सकते हैं। ना वायरस के फैलने का डर ना किसी तरह का आतंक। सिर्फ अपनों से मिलने की ख़ुशी। </p>

 

इटली में कई जगहों पर रूम्स ऑफ हग की शुरुआत की गई है। यहां कोरोना में लोग अपनों को बेझिझक गले लगा सकते हैं। ना वायरस के फैलने का डर ना किसी तरह का आतंक। सिर्फ अपनों से मिलने की ख़ुशी। 

<p>इटली में कोरोना ने काफी आतंक मचाया। कई लोग मारे गए। इसमें बुजुर्गों की जिंदगी काफी प्रभावित हुई। ऐसे में अब यहां के वृद्धाश्रम में रूम ऑफ़ हग्स बनाया गया है।  </p>

 

इटली में कोरोना ने काफी आतंक मचाया। कई लोग मारे गए। इसमें बुजुर्गों की जिंदगी काफी प्रभावित हुई। ऐसे में अब यहां के वृद्धाश्रम में रूम ऑफ़ हग्स बनाया गया है।  

<p>यहां बुजुर्गों से मिलने आने वाले रिश्तेदारों को पूरी बॉडी में प्रोटेक्टिव गाउन पहनाया जाता है। साथ ही वो एक प्लास्टिक की झल्ली से अपनों को गले लगा सकते हैं।  इस रूम में प्लाटिक से दो हिस्से बांटे गए हैं। एक तरह वृद्धाश्रम में रहने वाले लोग रहते हैं। दूसरे तरह इसमें विजिटर्स को रखा जाता है। </p>

 

यहां बुजुर्गों से मिलने आने वाले रिश्तेदारों को पूरी बॉडी में प्रोटेक्टिव गाउन पहनाया जाता है। साथ ही वो एक प्लास्टिक की झल्ली से अपनों को गले लगा सकते हैं।  इस रूम में प्लाटिक से दो हिस्से बांटे गए हैं। एक तरह वृद्धाश्रम में रहने वाले लोग रहते हैं। दूसरे तरह इसमें विजिटर्स को रखा जाता है। 

<p>कोरोना की वजह से लंबे समय से अपनों से दूर रहने के बाद इस रूम में दुबारा उनसे मिलने की ख़ुशी शब्दों में बयां कर पाना काफी मुश्किल है। इटली में कोरोना की वजह से कई बुजुर्गों ने अपनी जान गंवाई है। </p>

 

कोरोना की वजह से लंबे समय से अपनों से दूर रहने के बाद इस रूम में दुबारा उनसे मिलने की ख़ुशी शब्दों में बयां कर पाना काफी मुश्किल है। इटली में कोरोना की वजह से कई बुजुर्गों ने अपनी जान गंवाई है। 

<p>प्लास्टिक के परदे के पीछे से मिले ही हग से इन बुजुर्गों का अकेलापन दूर किया  जा रहा है। अपनों से कई महीनों से ना मिल पाने के कारण इन बुजुर्गों में डिप्रेशन देखने को मिल रहा था। <br />
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प्लास्टिक के परदे के पीछे से मिले ही हग से इन बुजुर्गों का अकेलापन दूर किया  जा रहा है। अपनों से कई महीनों से ना मिल पाने के कारण इन बुजुर्गों में डिप्रेशन देखने को मिल रहा था। 
 

<p>अब इस नए कांसेप्ट की वजह लोग महीनों बाद अपनों से मिल पा रहे हैं।  अपनी बेटी को महीनों बाद देखकर कुछ ऐसे दिया मां ने रिएक्शन। </p>

 

अब इस नए कांसेप्ट की वजह लोग महीनों बाद अपनों से मिल पा रहे हैं।  अपनी बेटी को महीनों बाद देखकर कुछ ऐसे दिया मां ने रिएक्शन। 

<p>आंसुओं और इमोशंस से भरे इस कमरे की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। लोग महीनों बाद अपनों को छू पा रहे हैं। </p>

 

आंसुओं और इमोशंस से भरे इस कमरे की कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। लोग महीनों बाद अपनों को छू पा रहे हैं। 

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