दुष्कर्म और दहेज पीडि़त महिलाओं को नहीं मिला न्याय, अब 17 को कलेक्ट्री पर देंगी धरना

दुष्कर्म और दहेज पीडि़त महिलाओं को नहीं मिला न्याय, अब 17 को कलेक्ट्री पर देंगी धरना

Wed 12 Jun 19  4:32 pm


भीलवाड़ा हलचल। राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय भले ही महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने के भरसक प्रयास कर रही हो, लेकिन भीलवाड़ा में स्थितियां विपरित है। यहां महिलाओं को त्वरित न्याय नहीं मिल पा रहा है और वे न्याय के लिए आला अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काट रही है। न्याय नहीं मिलने से परेशान ऐसी ही सामुहिक दुष्कर्म और दहेज पीडि़त दो महिलाओं ने 17 जून से कलेक्ट्रेट पर धरने की चेतावनी दी है। इससे पहले आज दोनों महिलाओं ने दलित घुमंतु अधिकार मंच के बैनर तले अपनी वेदनाओं से संबंधित ज्ञापन अतिरिक्त कलेक्टर और अतिरिक् पुलिस अधीक्षक को सौंपे। 
रायपुर क्षेत्र की सामुहिक दुष्कर्म पीडि़ता ने ज्ञापन में बताया कि7 मई को गिरधारी व एक काले आदमी ने उसके साथ सामुहिक दुष्कर्म किया। इसकी रिपोर्ट रायपुर में दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई।  इसी तरह दहेज प्रताडि़त वर्षा गुर्जर ने रिपोर्ट दी कि उसे पति, सास-ससुर दहेज की खातिर प्रताडि़त और मारपीट करते हैं। इसकी रिपोर्ट 14 माच्र को रायपुर थाने में दी। लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, उल्टा उसे ही धमका कर थाने से निकाल दिया। इन दोनों पीडि़ताओं की मांग है कि आरोपितों को गिरफ्तार और कार्रवाई नहीं करने वाले रायपुर थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की जाये। अन्यथा वे, 17 जून को कलेक्ट्री के बाहर धरने पर बैठेंगी। इसके साथ ही दलित, घुमंतु अधिकारी मंच के प्रदेशाध्यक्ष पूनमनाथ सपेरा ने भी गृहमंत्री के नाम एएसपी व एडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसमें रायपुर थाना अधिकारी पर आमजन की ओर से दी जाने वाली रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुये उन्हें हटाने की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में सपेरा के साथ पीडि़त महिलायें और लोग साथ थे। 

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